नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करेगा। याचिका में दावा किया गया है कि जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है और यदि तत्काल चिकित्सीय हस्तक्षेप नहीं किया गया तो उनके लिए अगले दो दिनों से अधिक जीवित रह पाना मुश्किल हो सकता है।
सोनम वांगचुक NEET प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पिछले 18 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। बुधवार को उनके अनशन का 18वां दिन पूरा हुआ।
अपने स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच वांगचुक ने कहा, "मेरी आधी मांसपेशियाँ ही अब मेरा साथ दे रही हैं, लेकिन मैं अभी भी मजबूत हूँ।"
याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति का तत्काल चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए तथा उनके जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएँ।
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह न केवल एक संवेदनशील स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा है बल्कि देशभर में NEET परीक्षा विवाद को लेकर जारी बहस के बीच भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।