पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। इस जीत से आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा खेमे में उत्साह बढ़ा है। विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से भी कम समय बचा है।
ABVP के उम्मीदवार अंकित विधान ने कड़े मुकाबले में 573 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें कुल 3,143 वोट मिले। आम आदमी पार्टी से जुड़े छात्र संगठन ASAP के उम्मीदवार आदिल बराड़ को 2,637 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के उम्मीदवार को 2,263 वोट प्राप्त हुए।
पिछले वर्ष भी ABVP ने पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ का अध्यक्ष पद जीता था। वह जीत संगठन के लिए ऐतिहासिक रही थी, क्योंकि करीब पांच दशक बाद उसे विश्वविद्यालय में शीर्ष पद हासिल हुआ था। इस बार अपनी स्थिति बरकरार रखना उसके लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था।
चुनाव में ABVP को शिरोमणि अकाली दल के छात्र संगठन Student Organisation of India का समर्थन भी मिला। भाजपा और अकाली दल अब इस तालमेल को आगामी विधानसभा चुनावों के संभावित राजनीतिक समीकरण के तौर पर देख रहे हैं।
भाजपा का मानना है कि चुनाव परिणाम युवाओं के बीच उसके प्रति समर्थन का संकेत देते हैं। हालांकि AAP और कांग्रेस ने इस दावे को खारिज किया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से भी बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं। इसलिए छात्रसंघ चुनाव के परिणामों को सीधे पंजाब के मतदाताओं की राजनीतिक सोच से जोड़ना उचित नहीं होगा।