उत्तराखंड में 2022 में मारी गई 19 वर्षीय अंकिता भंडारी के माता-पिता ने 14 अक्टूबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया। वे दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहे हैं। परिवार की मांग है कि उनकी बेटी की हत्या से जुड़े कथित “VIP एंगल” की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
अंकिता ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या हुई और 24 सितंबर को चिल्ला नहर से उनका शव बरामद किया गया। 30 मई 2025 को अदालत ने रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता, को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई।
हालांकि, अंकिता के माता-पिता का कहना है कि मामले में कथित “VIP” की भूमिका से जुड़े सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार ने गौतम का नाम भी आरोपों के संदर्भ में लिया है। गौतम ने आरोपों से इनकार किया है। उनकी संलिप्तता साबित करने वाला कोई न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
धरने के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने परिवार से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और अंकिता के माता-पिता को 15 अक्टूबर की सुबह करीब पांच बजे रिहा किया।
गौतम की नियुक्ति की घोषणा 12 अक्टूबर को हुई थी। इस फैसले के बाद परिवार ने कथित VIP एंगल की जांच पूरी करने की मांग फिर उठाई है। प्रकाशन से पहले CBI से जांच की मौजूदा स्थिति की पुष्टि जरूरी है।